T.B. (Tuberculosis)

T.B. (Tuberculosis) , क्षय रोग.
Tuberculosis
● क्षय रोग जिसे आमतौर पर हम T.B. भी कहते है, एक ऐसी बीमारी है, जो कि Mycobacterium Tuberculosis नामक जीवाणु जो कि ज्यादातर हमारे फेफड़ो / Lungs पर असर करते है, कि वजह से होती है। क्षय रोग को आयुर्वेद में ‘राजयक्ष्मा’ यानी रोगो का राजा भी कहा जाता है। क्षय रोग / T.B. किसी भी उम्र के लोगो में हो सकता है। विश्व में हर 3 में १ क्षय रोग / T.B का पीड़ित है। क्षय रोग / T.B से हर साल 30 लाख लोगो कि मौत होती है। भारत में हर साल लाखो लोग इस बीमारी के शिकार होते है। क्षय रोग के संबंधी अधिक जानकारी निचे दी गयी है :
》क्षय रोग / T.B. का संक्रमण कैसे होता है ?
क्षय रोग / T.B. यह बीमारी निचलतम स्तर के रहने के साधन, एक स्थान पर ज्यादा लोग रहने, अच्छा पौष्टिक भोजन न करने, HIV-AIDS तथा Diabetes जैसी बीमारियो के रहने से पकड़ती है। क्षय रोग का संक्रमण पीड़ित व्यक्ति के थूक / Sputum में मौजूद जीवाणु से होता है। जब पीड़ित व्यक्ति कही खाँसता, छींकता या थूकता है तो उस थूक में मौजूद जीवाणु हवा में मिल जाते है और आस-पास के लोगो में क्षय रोग का फैलाव करते है। रोगी नियमित क्षय रोग कि दवा ले रहे है उनसे क्षय रोग के संक्रमण का खतरा बहोत कम होता है।
हमारे आस-पास हवा में क्षय रोग / T.B. के जीवाणु कई बार मौजूद होते है, परन्तु रोग प्रतिकार शक्ति अच्छी होने के कारण कुछ लोगो में इसका संक्रमण नहीं होता है। कुछ लोगो में यह जीवाणु निष्क्रिय / Inactive रहते है और इस कारन न तो बीमारी होती है और न ही कोई लक्षण दिखाई देते है। जब ऐसे लोगो में किसी कारणवश रोग प्रतिकार शक्ति कमजोर हो जाती है, तब यह निष्क्रिय जीवाणु सक्रीय / Active होकर क्षय रोग का फैलाव करते है। फेफड़ो के अलावा लसीका और रक्त द्वारा यह जीवाणु शरीर के अन्य हिस्सो में भी क्षय रोग का फैलाव कर सकते है।
क्षय रोग / T.B. गाय, भैस, सूअर जैसे जानवरो में भी पाया जाता है। इसे Bovine क्षय रोग / T.B. कहते है। अगर क्षय रोग / T.B. से पीड़ित जानवर का मांस बिना अच्छी तरह पकाए खाया गया हो या फिर कीटाणु वाला दूध बिना अच्छी तरह उबाले पिया गया हो तो आपको क्षय रोग / T.B. हो सकती है।
》 क्षय रोग / T.B. के लक्षण क्या है ?
● क्षय रोग के लक्षण कुछ इस प्रकार है :
▪ 3 हफ्ते से अधिक समय कि खांसी
▪ खांसी या बलगम में खून आना
▪ भूक कम लगना
▪ बिना कोशिश किये बेवजह वजन कम होना
▪ रात के समय अधिक पसीना आना
▪ शाम के समय बुखार आना
▪ एक महीने से ज्यादा समय का बुखार
▪ कमजोरी
▪ एक महीने से ज्यादा समय तक सीने में दर्द
▪ गले के पास सूजन या गिलटी का होना
▪ रीड कि हड्डियों में अगर क्षय रोग / T.B. हो तो पीठ में ▪ दर्द और पैरो में कमजोरी महसूस होना
▪ जरुरी नहीं है के क्षय रोग के रोगी में ऊपर दिए हुए सभी लक्षण दिखाई देते है। ऊपर दिए हुए लक्षणो में से कोई भी लक्षण पता चलने पर डॉक्टर कि सलाह अनुसार जाँच करना चाहिए।
》 क्षय रोग / T.B. का निदान कैसे किया जाता है ?
क्षय रोग / T.B. का निदान करने के लिए निचे दिए हुए परिक्षण किये जाते है :
थूक का परिक्षण / Sputum Examination : क्षय रोग के जीटाणु थूक में पाए जाने से पता चलता है कि रोगी को फेफड़े का क्षय रोग / T.B है।
त्वचा परिक्षण / Mantoux Test : आपको क्षय रोग / T.B है या नहीं यह जानने के लिए त्वचा परिक्षण कि जाती है। इसमें आपके हात में चमड़ी के निचे एक इंजेक्शन दिया जाता है और 48 घंटे बाद परिक्षण किया जाता है। Positive परिक्षण का मतलब है कि आप क्षय रोग / T.B के जीवाणु से संक्रमित है।
सीने का X-Ray : इससे यह पता चलता है कि फेफड़े में क्षय रोग कितने प्रमाण में फैला है।
Biopsy / Microscopic Examination : डॉक्टर रोगी के तकलीफ अनुसार गांठ के छोटे हिस्से, Pleural fluid, Spinal Fluid या Synovial Fluid को क्षय रोग / T.B के निदान हेतु परिक्षण करा सकते है।
》 क्षय रोग / T.B का इलाज क्या है ?
क्षय रोग / T.B के उपचार में 6 से 9 महीने तक क्षय विरोधी दवा नियमित लेनी होती है। सरकारी केन्द्रो में DOTS कार्यक्रम अनुसार क्षय रोग / T.B कि जाँच, इलाज और आने जाने का खर्च मुफ्त में किया जाता है। अधूरा इलाज लेने पर और सही समय तक सही मात्रा में दवा न लेने पर दोबारा क्षय रोग / T.B हो सकता है। अगर रोगी नियमित सही मात्रा में दवा लेता है तो यह रोग आसानी से काबू में लाया जा सकता है और आस पास के अन्य लोगो को क्षय रोग / T.B होने का खतरा भी नहीं रहता है।
बच्चो को जन्म के बाद तुरंत BCG का टिका लगाना चाहिए। यह टिका उन्हें क्षय रोग / T.B से बचाता है।
》 क्षय रोग / T.B को फैलने से कैसे रोकने के लिए क्या करना चाहिए ?
क्षय रोग / T.B को फैलने से कैसे रोकने के लिए निम्नलिखित बातो का ख्याल रखे :
डॉक्टर की सलाह अनुसार, रोगी को अपनी दवा ठीक समय पर और पूरी अवधि तक लेनी चाहिए। दवा जल्दी छोड़ देना क्षय रोग / T.B को दुसरो तक फैलने का कारण बन सकती है।
यहाँ वहा न थूके।
जीन लोगो को क्षय रोग / T.B नहीं है उन्हें बचाने के लिए जब आप छीखे, खासे या हँसे तो अपना मुँह हात या रुमाल से ढके। फिर अपने हात धोए। अपने हात हमेशा खाने से पहले और खाने के बाद धोए।
अपनी रोग प्रतिकार शक्ति बढ़ाने कि कोशिश करे। रोग प्रतिकार शक्ति कैसे बढ़ाए यह जानने के लिए पढ़े : How to Boost Our Immune System
जब तक आपको क्षय रोग / T.B कि दवा लेते हुए 2 से 3 सफ्ताह न हो जाए या जब तक आप Sputum संक्रमण से मुक्त न हो जाए अपने आप को अलग रखे। अपने मुंह पर मास्क पहने।
अपना आस पास का परिसार साफ़ सुधरा रखे।
हवादार और साफ़ सुधरी जगह पर रहे।
क्षय रोग / T.B के कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉकटर से संपर्क करे और अपनी जाँच करे।
भारत में क्षय रोग एक बहोत बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। अगर रोगी ठीक से इसका इलाज पूरी अवधि तक ले और स्वस्थ व्यक्ति इससे बचने के उपाय का ठीक से पालन करे तो इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से निजात पायी जा सकती है।

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